Home / राज्य / उत्तर प्रदेश / अवैध वसूली के खिलाफ उठाई आवाज़ तो गई नौकरी

अवैध वसूली के खिलाफ उठाई आवाज़ तो गई नौकरी

हरदोई 11 जनवरी। हरिश्याम बाजपेई। कहते हैं कि कहीं भी कुछ गलत किया जा रहा हो तो उसका विरोध करना चाहिए. कुछ ऐसी ही दिलेरी बेसिक शिक्षा विभाग में संविदा पर नौकरी करने वाले ऑपरेटरों ने दिखाई तो उन्हें नौकरी से हाँथ धोना पड़ा.
दरसल वर्ष 2011 से बेसिक शिक्षा विभाग में हरदोई सिक्योरिटी गार्ड एजेंसी द्वारा आपरेटर एवं लेखाकार संविदा पर नियुक्त किए गए थे. सपा सरकार में लंबे समय से इन संविदा कर्मियों के वेतन से ढाई हजार रुपये प्रतिमाह काटकर शेष भुगतान किया जाता था.काफी सालों तक तो ऐसा चलता रहा किंतु वर्ष 2015 से ऑपरेटरों ने अपनी पहचान छुपाते हुए इसकी शिकायतें शुरू कर दी.ऑपरेटरों की मांग थी कि उनके मानदेय से बिना किसी कटौती के खाते में मानदेय भेजा जाए किन्तु तत्कालीन सपा सरकार में इन संविदाकर्मियों की न तो किसी अधिकारी ने सुनी और न ही सरकार ने.
जब सूबे में सरकार बदली तो संविदा कर्मियों की आंखों में चमक आ गई और उन्होंने अपने वेतन कटौती को लेकर पुनः आवाज बुलंद की, किंतु सेवा प्रदाता एजेंसी के खिलाफ आवाज बुलंद करना उन्हें महंगा पड़ा और 04 संविदा कर्मियों को नौकरी से हटा दिया गया.शुरुआत में विरोध तो सभी कर्मियों ने किया था किंतु नौकरी के लालच में अन्य कर्मियों ने वेतन कटौती को लेकर सेवा प्रदाता कंपनी से समझौता कर लिया जिसके चलते उनकी नौकरी तो बच गई किंतु उन्हें अपने वेतन से प्रतिमाह ढाई हजार रुपये रिश्वत के तौर पर नौकरी बचाने के लिए देना पड़ रहा है.अन्य चार संविदा कर्मी सेवा प्रदाता एजेंसी की करतूत का चिठ्ठा शासन-प्रशासन तक पहुंचा चुके हैं.इस लड़ाई में अभी वह संघर्ष कर रहे हैं ऐसे में न तो उनका साथ न तो प्रशासन दे रहा है और न ही सरकार.
विदित हो कि हरदोई सिक्योरिटी गार्ड एजेंसी गार्डों, व अन्य संविदाकर्मियों की पगार हड़पने को लेकर कई बार विवादों में रही है.रोडवेज में गार्डों की पगार में कटौती को लेकर तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक ने नवम्बर 2015 में सेवा प्रदाता एजेंसी की करतूत का विरोध किया था उन्होंने एजेंसी का 08 प्रतिशत कमीशन देकर शेष धन से गार्डों की पगार बांट दी थी तो उनके ऊपर तत्कालीन सरकार द्वारा निलंबन की कार्यवाही की गई थी.
स्वास्थ्य विभाग में भी इसी सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी की पगार से हर माह 04 हजार रुपये काट लिए जाते हैं.जो भी संविदा कर्मी विरोध करता है सेवा प्रदाता कंपनी उसे हटा देती है.ऐसे में अपनी आवाज बुलंद करने वाले इन संविदा कर्मियों के दर्द को कोई समझने वाला नहीं है.इससे जाहिर है कि सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा सपा सरकार से लेकर भाजपा सरकार तक अच्छी पहुंच है जिसके चलते सफेदपोश निरंतर उसे संरक्षण दे रहे हैं और कर्मचारियों व युवाओं का खून चूसने के लिए छूट दे रहे हैं.
इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मसीहुज्जमा सिद्दीकी का कहना है की सेवा प्रदाता कंपनी बेसिक शिक्षा विभाग को आपरेटर एवं लेखाकार उपलब्ध कराती है.उनकी समस्याओं की जिम्मेदारी उक्त कंपनी की ही होती है.इससे विभाग का कोई लेना देना नहीं है.
सवाल ये उठता है कि क्या कोई सिक्योरिटी गार्ड एजेंसी ऑपरेटर व ब्लाक कार्यक्रम अधिकारी भी विभागों में तैनात कर सकती है?
कई बार शिकायतों व विवादों के बाद भी सपा से लेकर भाजपा सरकार में इस सेवा प्रदाता एजेंसी पर कोई कार्यवाही क्यों नही हो रही?

About Durgesh Mishra

Check Also

फर्जीवाड़ा कर बैंक से बीस लाख हडपे

पाली/हरदोई 07 दिसम्बर।शोभित मिश्रा। फर्जीवाड़ा कर बैंक से ऋण के नाम पर लिये गये बीस …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: